Gandhi Jayanti Speech in Hindi Language

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भारत विश्व का एक अनोखा और अनूठा देश है. इस देश की सांस्कृतिक विरासत से लेकर यहां का पूरा इतिहास ही गौरवशाली है. हमारे इतिहास की तरह हमारी आजादी की लड़ाई भी एक मिसाल ही है. यूं तो विश्व के अधिकतर पराधीन देशों को आजादी हिंसा के बाद ही मिली लेकिन इस देश को आजादी वास्तविक तौर पर अहिंसा के मार्ग पर चलने की वजह से मिली और इस मार्ग पर हमें चलने का साहस प्रदान किया मोहनदास करमचंद गांधी ने.

आज महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) की जयंती है. यह देश महात्मा गांधी को बापू और राष्ट्रपिता जैसे नामों से संबोधित करता है. इस सम्मान के पीछे महात्मा गांधी की महान कार्यशैली और समर्पण छुपा हुआ है. अपने घर-परिवार को भूल गांधीजी ने खुद को देश के लिए न्यौछावर कर दिया, इसी वजह से लोग गांधी जी को मात्र एक शख्स के तौर पर नहीं अपितु एक भगवान के समान देखते हैं.

गांधी जी: एक महान समाज सुधारक

“स्‍वयं को पाने का सर्वोत्तम तरीका है स्‍वयं को अन्‍य लोगों की सेवा में समर्पित कर देना”- महात्‍मा गांधी.

गांधी जी के यह वचन उनकी मानसिकता को प्रदर्शित करते हैं. गांधीजी ने जिंदगी भर दूसरों की सहायता के लिए काम किए. तमाम वैभव होने के बाद भी गांधीजी ने सादा जीवन व्यतीत किया और लोगों के सामने उदाहरण पेश किया. छुआछूत को दूर भगाने के लिए ही उन्होंने ‘हरिजन’ को गले लगाकर दूसरों के सामने एक उदाहरण पेश किया.

समाज की बुराइयों के प्रति गांधी जी के सिद्धांतों ने उनके राजनैतिक आंदोलनों को उपनिवेश राज से आजादी के लिए मजबूती से बांध दिया जैसे कि असहयोग आंदोलन, नागरिक अवज्ञा आंदोलन, दाण्‍डी मार्च और भारत छोड़ो आंदोलन. गांधी जी के प्रयासों से अंतत: भारत को 15 अगस्‍त, 1947 को स्‍वतंत्रता प्राप्‍त हुई.

अंतरराष्‍ट्रीय अहिंसा दिवस-International Day of Non-Violence

ऐसा नहीं है कि सत्याग्रह और अहिंसा सिर्फ भारत में ही प्रचलित हैं बल्कि सत्‍याग्रह और अहिंसा की विचारधारा को वैश्विक समुदाय में भी उच्‍च प्रतिष्‍ठा प्राप्‍त है और इसीलिए संयुक्‍त राष्‍ट्र में गांधी जी के जन्‍म दिवस, 2 अक्‍तूबर को ‘अंतरराष्‍ट्रीय अहिंसा दिवस’ (International Day of Non-Violence) के रूप में अपनाया गया है.

महान प्रेरणादाता थे महात्मा गांधी

महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन ने कहा था कि आने वाली सदियों में लोग यह विश्वास नहीं कर पाएंगे कि गांधी जैसा महान व्यक्ति भी इस धरती पर कभी पैदा हुआ था. दरअसल, महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) जी ने अपने जीवन में कई ऐसे कार्य या प्रयोग किए, जो कोई महापुरुष ही कर सकता है! सच तो यह है कि गांधी जी ने न केवल दूसरों का मार्गदर्शन किया, बल्कि उपदेशों का पहले स्वयं पर प्रयोग भी किया.

आज गांधी जयंती के मौके पर आइए इस देश के महापुरुष गांधी जी को याद करें और उन्हें श्रद्धांजलि दें.

Gandhi Jayanti Essay


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